
विजय कुमार बंसल हरिद्वार ब्यूरो
गुरु ही ईश्वर प्राप्ति का स
च्चा मार्ग, महंत कृष्णा मुनि महाराज हरिद्वार
कनखल स्थित श्री हरे राम आश्रम में अपने श्री मुख से उद्गार व्यक्त करते हुए महंत कृष्णा मुनि जी महाराज ने कहा गुरु ही ईश्वर प्राप्ति का माध्यम हैगुरु कृपा से ही ईश्वर की प्राप्ति होती है जीवन का उद्धार होता हैश्री हरे राम आश्रम के परम पूज्य संत एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक महंत कृष्ण मुनि जी महाराज ने अपने अमृतमय श्रीमुख से गुरु महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि गुरु केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि परमात्मा तक पहुँचने का सशक्त माध्यम हैं। गुरु ही वह दिव्य शक्ति हैं, जो अज्ञान रूपी अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। संसार रूपी भवसागर में भटकते जीव के लिए गुरु ही वह नाव हैं, जो उसे सुरक्षित पार लगाते हैं।
महंत कृष्ण मुनि जी महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि “गुरु मिलते हैं ईश्वर से, गुरु ही देते ज्ञान, भवसागर की नैया के गुरु ही तारणहार” — यह केवल एक पंक्ति नहीं, बल्कि सनातन सत्य है। गुरु की कृपा से ही मनुष्य अपने जीवन का वास्तविक उद्देश्य समझ पाता है और भक्ति, साधना तथा सेवा के मार्ग पर अग्रसर होता है। बिना गुरु के ज्ञान अधूरा है और बिना ज्ञान के जीवन अंधकारमय हो जाता है।
उन्होंने कहा कि गुरु शिष्य के जीवन में संस्कार, संयम, सेवा और समर्पण का भाव जागृत करते हैं। गुरु ही शिष्य को धर्म, सत्य, प्रेम और करुणा का मार्ग दिखाते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार गुरु अपने तप, त्याग और साधना से समाज को प्रकाशित करते हैंमहंत जी ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु की सेवा और उनके बताए मार्ग पर चलना ही सच्ची भक्ति है। गुरु का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूँजी है, जो हर कठिनाई में मार्गदर्शन करता है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि अपने जीवन में गुरु के प्रति श्रद्धा, विश्वास और समर्पण बनाए रखें, क्योंकि गुरु की कृपा से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है।
आश्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने गुरु महिमा के इन दिव्य वचनों को सुनकर अपने जीवन को धर्म, भक्ति और सेवा के मार्ग पर समर्पित करने का संकल्प लिया। पूरा वातावरण भक्ति, श्रद्धा और गुरु-वंदना के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।






